Tuesday, September 28, 2021
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Swiggy Success Story in Hindi

दोस्तों भारत आज के समय में बहुत तेजी से डिजिटल होता जा रहा है  लोगो की आदते भी पूरी तरीके से बदल गयी है क्यूंकि जहा पहले आपको छोटी से लेकर बड़े सामान तक लेने के लिए जाना पड़ता था आज वही सामान आप घर बैठे ऑनलाइन वेबसाइट या एप्लीकेशन के जरिए घर बैठे मंगा सकते है। इसी कड़ी में Online Food Order करना भी आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चूका है क्यूंकि ZOMOTO, Swiggy, UberEats की तरह ही कई सारी कंपनी ने खाना आर्डर करना इतना आसान और सुविधाजनक कर दिया है की आप हजारों अलग अलग होटेल्स में से किसी भी अपनी पसंद के जगह से खाना मंगवा सकते है और दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम बात करेंगे सबसे लोकप्रिय Online Food Delivery Service “Swiggy” के बारे में जिसने अपने Start-Up के बाद से ही कुछ ऐसी लोकप्रियता हासिल कर ली की महज कुछ सालों में ही यह कंपनी हर जुबान पर छाई हुई है। 

वैसे अगर देखा जाए तो इस कंपनी की सफलता तो हमे दिखाई दे ही रही है लेकिन इस Start-Up को शुरू करने से पहले ही इसके फाउंडर्स ने कई सारे प्रयास किये थे अउ हर बार निराशा ही उनके हाथ लगी थी  लेकिन हर न मानते हुए किस तरह से आगे बढ़ते गए आज के इस पोस्ट में हम Swiggy के सफलता के बारे में पूरी कहानी जानेंगे।


Swiggy की शुरुआत


Swiggy की शुरुआत राहुल जैमिनी(Rahul Jaimini ), नंदन रेड्डी (Nandan Reddy), और श्रीहर्ष मजेटी  (Sriharsha Majety) ने एक साथ मिलकर किया था जिसमे श्रीहर्ष और नंदन  BITS Pilani से एक साथ ग्रेजुएशन किया करते थे। और दोनों के मन में हमेशा से अपना बिज़नेस शुरू करने की चाह थी लेकिन ग्रेजुएट होने के बाद से श्रीहर्ष ने लंदन के एक बैंक में जॉब भी की लेकिन इस काम में दिलचस्पी न होने की वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ दी और फिर नंदन रेड्डी के साथ Start-Up के अलग अलग आईडिया पर विचार करने लगे और बहुत रिसर्च के बाद से दोनों ने एक साथ मिलकर एक लोजिस्टिक्स सलूशन  (logistics solutions) के लिए एक बिज़नेस शुरू किया जिसका नाम था Bundal
पुरे साल इस Start_Up पे काम करने के बाद से कई साड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा और फिर अंत में जाकर वो फ़ैल हो गए फिर 2014 में इस कंपनी को बंद करने का फैसला लिया इस बात से दोनों नंदन और श्रीहर्ष बहुत दुखी थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरा Start-Up शुरू करने का सोचा, अपनी पुराणी गलतिओ से सीख लेते हुए एक बार फिर दोनों ने रिसर्च किया और Food Sector में कदम रखने का फैसला लिया इसी तरह से अगस्त 2014 में Swiggy की नीव रखी लेकिन अब यहाँ पर कोडन से जुड़े हुए काम के लिए टेक्निकल बन्दे की जरूरत पड़ी तभी उन्होंने राहुल जैमिनी को अपने टीम में शामिल कर लिया और दोस्तों राहुल भी अपना ग्रेजुएशन IIT Kharagpur से पूरी कर चुके थे।


Swiggy की शुरुआत  बैंगलोर (Banglore) के कोरमंगला (koramangala) नाम के जगह पर हुई थी जहाँ पर 6 Delivery Boy और उनके पोर्टल पर कुल 25 रेस्टोरेंट्स (restaurants) ही मौजूद थे लेकिन 2015 में Swiggy के आईडिया को इन्वेस्टर ने बहुत पसंद किया और उन्हे 2 million डॉलर की फंडिंग मिल गयी और पफर इसी तरह से आगे चलकर धीरे धीरे बढ़ते हुए Swiggy के साथ 5000 restaurants और जुड़ गए जिसकी संख्या 2019 में बढ़ कर 4000 के पार पहुँच चुकी है। और दोस्तों बैंगलोर के एक छोटे से शहर से शुरू होने वाला यह बिज़नेस भारत के लगभग सभी शहर में अपना पैर जमा चूका है।

वैसे तो इस Start-Up कई सारे कंपनी आई और चली गयी लेकिन जो सफलता Swiggy को जो सफलता मिली वो सच में हैरान कर देने वाली है आज के समय में Swiggy Food Ordering Market में पूरी तरीके से छाई हुई है। दोस्तों इसके पीछे की सफलता की जो मुख्य वजह है जो इसके पहले शुरू किये गए Start-Up की असफल होना क्यूंकि असफल होने के बाद से उसी से सीख लिया और आगे बढ़े और सफल हुए साथ ही उन्होंने भारत के हजारो बेरोजगार को नौकरी दी।


उम्मीद करते है दोस्तों आप इस कहानी से प्रेरित होकर कभी भी हार नहीं मानेंगे बल्कि हार से सीख लेते हुए आगे बढ़ते रहेंगे और उम्मीद है यह स्टोरी पढ़ कर आपको अच्छा लगा होगा। जल्द ही मिलते अगले पोस्ट में, आपका बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद।


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